कोटा kota


कोटा kota

  • सावन भादों लिफ्ट व हरिश्चन्द्र सागर सिंचाई योजना का संबंध कोटा जिले से है | स्वतंत्रता के बाद संभवत: यह कोटा जिले की प्रथम सिंचाई परियोजना है जिसे सरकार ने स्वीकृत किया है | राजस्थान का प्रथम यातायात प्रक्षिक्षण पार्क , कोटा में स्थापित किया गया है इसे हाडौती यातायात परशिक्षण पार्क भी कहते है |
  • मथुराधीश का मंदिर – मथुरा वृन्दावन का बाद भगवान श्री कृष्ण के सांवलिया रूप का यह सबसे बड़ा मंदिर माना जाता है |
  • खड़े गणेश की मूर्ति – कोटा में स्थित है |
  • हवामहल – कोटा के गढ़ के प्रवेश द्वार के पास भी हवामहल बना हुआ है | इसका उद्घाटन समारोह 1864 ई. में महाराव रामसिंह दितीय ने करवाया था |
  • अहिंसा वाटिका – वर्ष 1993 में चम्बल उद्यान के सामने स्थापित |
  • जय हिन्द – कोटा से प्रकाशित समाचार पत्र |
  • एम.ए. थॉमस – प्रसिद्ध समाज सेवी , एम्मनुअल बाईबल कॉलेज , कोटा के संस्थापक |
  • दशहरा मेला – विजय पर्व के रूप में मनाया जाने वाला कोटा का दशहरा में मेला देश में तीसरे स्थान पर है | ( देश में प्रथम मैसूर तथा दूसरा कुल्लू – हिमाचलप्रदेश ) | माधोसिंह ने 1579 ई. में दशहरे मेले की परम्परा शुरू की
  • उम्मेद सिंह-2 – इन्हें आधुनिक कोटा का निर्माता कहा जाता है | इन्हें निर्माण कार्यो की दृष्टी से कोटा का शाहजहाँ कहा जाता है |

इनका शासनकाल कोटा के इतिहास का स्वर्ण काल माना जाता है |

दशहरा मेला कोटा के दशहरे मेले को उम्मेद सिंह ने पप्रसिद्धि दिलाई |

1968 ई. में भारत सरकार ने इनमे पद्मभूषण से सम्मानित किया |

  • महाराव भीमसिंह – कोटा के महाराव भीमसिंह दितीय नरेशों में संत और संतो में नरेश के रूप में प्रसिद्ध थे | कोटा के भीमसिंह दितीय पहले व्यक्ति थे जिन्होंने कोटा राज्य का भारतीय संघ में विलय का प्रस्ताव स्वयं आगे बढ़कर सबसे पहले रखा तथा सबसे पहले राजस्थान यूनियन का निर्माण किया |

महाराव ने संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व किया |

ये 1944 में दितीय विश्वयुद्ध के दौरान कोटा उम्मेद उन्फेंट्री का निरिक्षण करने इरान गये |

1971 में इन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया |

ये हाडौती के पथम तथा सर्वाधिक अलंकृत खिलाडी थे |